अभिषेक की शालतोड़ की सभा के बाद, 25 हजार युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
कोलकाता। बांकुड़ा जिले के शालतोड़ इलाके के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के वादे के महज कुछ ही दिनों के भीतर राज्य सरकार ने बंद पड़ी पत्थर खदानों को फिर से चालू करने के लिए ई-ऑक्शन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से इलाके के करीब 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। बीती 10 जनवरी को शालतोड़ की जनसभा में अभिषेक बनर्जी ने पत्थर खदानों का मुद्दा उठाते हुए मजदूरों को आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया था कि वह पिछले दो महीनों से इस पर काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 31 मार्च से पहले खदानों का काम शुरू हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की सक्रियता के बाद अब प्रशासन ने 17 पत्थर खदानों की नीलामी का रास्ता साफ कर दिया है। आगामी 11 फरवरी को पत्थर खदानों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
नीलामी के बाद महज दो सप्ताह के भीतर सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। खदानें बंद होने के कारण बेरोजगार हुए लगभग 20 हजार मजदूरों को उनकी रोजी-रोटी वापस मिलेगी। लंबे समय से कानूनी पेचीदगियों और एनवायरमेंटल क्लियरेंस जैसे मुद्दों की वजह से शालतोड़ का पत्थर उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा था। अभिषेक बनर्जी ने अपनी नवजोड़ यात्रा के दौरान भी मजदूरों की व्यथा सुनी थी। जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले सरकार का यह कदम आर्थिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। पत्थर खदानें शुरू होने से न केवल मजदूरों को काम मिलेगा, बल्कि पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। अधिसूचना जारी होने के बाद खदान श्रमिकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय श्रमिकों का कहना है कि खदानें बंद होने से उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई थी, लेकिन अब रोजगार की नई उम्मीद जगी है।